
स्वास्थ्य संस्थाओं में की गई हाईरिस्क गर्भवतियों की जाँच
खंडवा 26 मई, 2025 – जिला अस्पताल खंडवा एवं सामुदायिक व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सोमवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ व चिकित्सकों द्वारा हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार किया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक द्वारा निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए खण्डवा भेजकर निःशुल्क सोनोग्राफी की जा रही है। साथ ही उन्हें आवश्यक दवाईयां भी दी जा रही हैं, ताकि मातृ मृत्यु दर में कमी लायी जा सके। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.डी. बकोरिया ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता एवं कवरेज को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, निदान एवं परामर्श सेवाओं की उपलब्धता की दृष्टि से प्रतिमाह की 9 एवं 25 तारीख को प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. बाकोरिया ने हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान जैसे एनीमिया, उच्च रक्तचाप, शुगर, पूर्व सिजेरियन प्रसव, जुड़वा बच्चे, गर्भ में उल्टा बच्चा, पूर्व में गर्भपात, पूर्व में जन्में शिशु में जन्मजात विकृति, कम वर्ष व 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण होना, अधिक बच्चे होना तथा टीबी, गुरदे, हृदय रोग, मलेरिया, एचआईवी, हैपेटाइटिस बी जैसे रोगों से ग्रसित गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क की श्रेणी में आती है। गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने, पौष्टिक आहार लेने व संस्थागत प्रसव कराने की समझाइश दी जा रही है।











